सतत कृषि की ओर एक कदम: सूक्ष्मजीवों और पौधों के सहयोग द्वारा कीट नियंत्रण

सतत कृषि की ओर एक कदम: सूक्ष्मजीवों और पौधों के सहयोग द्वारा कीट नियंत्रण

कोबे विश्वविद्यालय की अनुसंधान टीम द्वारा खोजी गई आलू, मिट्टी के सूक्ष्मजीव, और परजीवी नेमाटोड के बीच त्रिकोणीय पारस्परिक क्रिया ने कृषि क्षेत्र में नए दृष्टिकोण प्रस्तुत किए हैं। इस अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि आलू द्वारा स्रावित एक नई रासायनिक पदार्थ "सोलानोएक्लेपिन C (SEC)" मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीवों द्वारा परिवर्तित होकर नेमाटोड के अंडों के फूटने को प्रेरित करने वाले पदार्थ "सोलानोएक्लेपिन B (SEB)" और "सोलानोएक्लेपिन A (SEA)" में बदल जाता है। यह खोज परजीवी नेमाटोड के नियंत्रण के लिए एक नई विधि, "आत्मघाती फूटना" की संभावना को दर्शाती है।


🧪 खोज का सारांश: पौधों, सूक्ष्मजीवों और परजीवियों के बीच त्रिकोणीय पारस्परिक क्रिया

कोबे विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मिज़ुतानी मसायुकी के नेतृत्व में अनुसंधान टीम ने यह स्पष्ट किया है कि आलू द्वारा स्रावित रासायनिक पदार्थ "सोलानोएक्लेपिन C (SEC)" मिट्टी में सूक्ष्मजीवों द्वारा "सोलानोएक्लेपिन B (SEB)" में परिवर्तित होता है और फिर "सोलानोएक्लेपिन A (SEA)" में बदल जाता है।ये पदार्थ आलू सिस्ट नेमाटोड (PCN) के अंडों के फूटने को प्रेरित करने वाले "फूटने वाले कारक" के रूप में कार्य करते हैं।विशेष रूप से SEC, SEB की तुलना में 20 गुना अधिक मात्रा में पौधों से स्रावित होता है, और सूक्ष्मजीवों की क्रिया द्वारा फूटने को प्रेरित करने वाले पदार्थ में परिवर्तित होता है। phys.org



🌱 कृषि में अनुप्रयोग: आत्मघाती फूटने के माध्यम से नेमाटोड नियंत्रण

यह खोज कृषि में नेमाटोड नियंत्रण की एक नई रणनीति "आत्मघाती फूटने (suicide hatching)" की संभावना को दर्शाती है।यह विधि फूटने वाले कारक को फसल लगाने से पहले मिट्टी में लागू करके परजीवियों को प्रारंभिक अवस्था में फूटने और बिना मेजबान के मरने की स्थिति में लाने की है।यह दृष्टिकोण रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भर किए बिना, पर्यावरण के अनुकूल नेमाटोड नियंत्रण उपाय के रूप में अपेक्षित है। phys.org+1icipe.org+1



🌐 सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया: विज्ञान और कृषि के संगम पर ध्यान केंद्रित

यह अनुसंधान परिणाम सोशल मीडिया पर भी बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है।कृषि से जुड़े लोग और विज्ञान प्रेमियों से यह आवाज उठ रही है कि "प्राकृतिक प्रक्रियाओं का उपयोग करके सतत कृषि की दिशा में एक कदम बढ़ाया गया है"।इसके अलावा, "सूक्ष्मजीवों की शक्ति का उपयोग करके कीट नियंत्रण का विचार क्रांतिकारी है" जैसे विचार भी देखे जा रहे हैं, और विज्ञान और कृषि के संगम से उत्पन्न नई संभावनाओं की उम्मीद की जा रही है।



🔬 भविष्य की दृष्टि: सतत कृषि की ओर मार्ग

प्रोफेसर मिज़ुतानी ने कहा, "इस रासायनिक पदार्थ की संरचना जटिल है और इसे संश्लेषित करना कठिन है, लेकिन यदि हम समान प्रभाव वाले अधिक उत्पादन योग्य पदार्थ को खोज सकते हैं, तो कृषि में इसका अनुप्रयोग वास्तविकता बन सकता है।"भविष्य के अनुसंधान में, SEC की शारीरिक भूमिका और सूक्ष्मजीवों के साथ पारस्परिक क्रिया के विवरण को स्पष्ट करने से सतत कृषि की दिशा में मार्ग खुलने की उम्मीद है।

संदर्भ लेख

आलू के परजीवियों को फूटने के लिए त्रिकोणीय पारस्परिक क्रिया
स्रोत: https://phys.org/news/2025-06-interaction-hatches-potato-parasites.html